टाइम मैनेजमेंट क्या होता और है टाइम मैनेजमेंट से सफलता कैसे प्राप्त करें ? What is Time Management and How to Get Success from Time Management ?

अगर 24 घंटे से एक-दो घंटे एक्स्ट्रा मिल जाते तो मतलब क्या बिगड़ जाता? और यह लाइन अक्सर दिमाग में जब भी आती है जब हमारे काम कंप्लीट नहीं होते हैं और हम बहुत ज्यादा परेशान होते हैं बल्कि हर दिन ऐसा लगता है कि टाइम ही कम पड़ रहा है काम ही इतना ज्यादा है पता नहीं टाइम कहां जा रहा है या हम टाइम मैनेज नहीं कर पा रहे हैं. ऐसा है तो जरूर से आप अपनी डेट लाइन को कंप्लीट करने के लिए 8 घंटे तक काम करते होंगे और शायद हर दिन हैरान और परेशान भी हुआ करते होंगे.

अब ऐसी कंडीशन में तो दो ही ऑप्शन है पहला ऑप्शन है किया तो आप किसी और प्लेनेट पर बसने का प्लान बना लीजिए या फिर जहां पर आपको 1 दिन में 24 से ज्यादा घंटे मिल जाए अब कैसे जाना है और वहां पर सरवाइव कर पाएंगे कि नहीं कर पाएंगे यह को डिसाइड करना है।

दूसरा ऑप्शन बचता है कि आप अपने टाइम को सही से मैनेज करना सीख लीजिए ताकि 1 दिन के 24 घंटे भी आपको सफिशिएंट लगे मतलब ऐसा बिल्कुल ना लगे कि कम मिले हैं या ज्यादा मिले हैं जितना है ठीक है. हां तो बताइए आपको कौन सा ऑप्शन आसान लग रहा है और किसके बारे में आप सोच रहे हैं हां ऑप्शन नंबर दो पहले में तो गुंजाइश ही नहीं है होती तो जरूर से हम आपको बताते और आगे अगर होगी तो भी हम आपको बताएंगे उसकी टेंशन आप बिल्कुल मत लीजिए. लेकिन फिलहाल बात करते हैं ऑप्शन नंबर दो कि क्योंकि ऑप्शन नंबर वन का कोई स्कोप नहीं है.

तो दोस्तों टाइम की कमी की शिकायत तो हम सभी करते हैं जो असल में टाइम मैनेजमेंट की कमी होती है. तो जानते हैं कि असल में इसी प्लेनेट में रहते हुए हम टाइम को कैसे मैनेज कर सकते हैं और कैसे अपनी डेडलाइंस को टाइम पर मैच कर सकते हैं.

टाइम मैनेजमेंट क्या होता है ?

टाइम मैनेजमेंट एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें आप अलग-अलग एक्टिविटी के बीच में अपने टाइम के डिवाइड करने के तरीके को प्लान करते हैं और जब आप ऐसा करना सीख जाएंगे तो स्मार्ट वर्क करना और कम टाइम में ज्यादा काम करना आपके लिए बहुत ही आसान हो जाएगा, और इसके लिए टाइम को पैसों की तरह कीमती जरूरी होगा तभी तो आप और हम इसकी वैल्यू समझ पाएंगे और इसको मैनेज करने के लिए पूरा जोर लगा देंगे. इसलिए इस आर्टिकल को पढ़ते समय अपना एटीट्यूड ऐसे ही रखिए जैसे टाइम भी पैसों की तरह बहुत ही कीमती है बल्कि पैसों से भी कहीं ज्यादा.

अगले कुछ सेकेंड बताइए इस आर्टिकल को पढ़ने में और आप जान जाएंगे. सबसे पहले टाइम मैनेजमेंट की टिप्स की तरफ चलने से पहले अगर इससे होने वाले फायदों की तरफ नजर डालें तो टाइम मैनेजमेंट को अपना करके आपका स्ट्रेस और टेंशन दूर हो जाएगा. आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ बैलेंस हो जाएगी, आपके काम में हाय प्रोडक्टिविटी आ जाएगी, विद्यार्थियों के लिए सिलेबस और एग्जाम को हैंडल करना आसान हो जाएगा, इंप्लाइज के लिए ऑफिस में प्रमोशन का रास्ता खुल जाएगा, वर्क लाइफ बैलेंस होगी और भी ज्यादा बेहतर होगी और आपके जिंदगी में बहुत सारी खुशियां आएंगी तो कुल मिलाकर बहुत सारे फायदे हैं टाइम मैनेजमेंट के.

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तो इतने जबरदस्त बेनिफिट अगर आपको चाहिए तो थोड़ा सा टाइम मैनेजमेंट को सीरियसली लेना शुरू कीजिए।

टाइम मैनेजमेंट टिप्स

  • सबसे पहले लक्ष्य सेट करें– यह तो आप जानते ही हैं कि लक्ष्य ही हमें विजन देता है, फोकस देता है, और डेस्टिनेशन के बारे में क्लियर जानकारी देता है। इसलिए टाइम मैनेजमेंट के लिए आपके पास सबसे पहले क्लियर लक्ष्य होना जरूरी है जिसको पाने के लिए आप अपने टाइम और रिसोर्सेज को मैनेज करेंगे, और यह समझ पाएंगे कि आपको अपना टाइम कौन से यूज़फुल टास्क में देना चाहिए, और किन डिस्ट्रक्शन से भरे टास्क को अवॉइड करने की जरूरत है। इसलिए पर्सनल और प्रोफेशनल लक्ष्य को सेट कीजिए और ऐसे लक्ष्य बनाइए जो रियलिस्टिक भी हो और जिन्हें प्राप्त भी किया जा सके।
  • प्रायरिटी को समझना- अगर इफेक्टिव टाइम मैनेजमेंट करना है तो अपने दोस्त को प्राइरोटाइज करना ही होगा यानी आपको पता होना चाहिए कि सबसे इंपोर्टेंट टास्क कौन से हैं जिन्हें आपको सबसे पहले कंप्लीट कर लेना चाहिए और सबसे कम इंपॉर्टेंट टेस्ट कौन से हैं जिनको लास्ट में देखना चाहिए क्योंकि अक्सर हम यह गलती कर देते हैं इजी और कम इंर्पोटेंट टास्क को पूरा करने में लग जाते हैं और अपना ज्यादातर टाइम और एनर्जी वहीं पर पूरा खत्म कर देते हैं, और उसके बाद सबसे जरूरी टास्क को कंप्लीट करने के लिए जो एनर्जी चाहिए होती है वह हमारे अंदर नहीं बच पाती क्योंकि हम थकान महसूस करते हैं।

और बस टास्क की इस मिसमैनेजमेंट की वजह से, प्रायरिटी सेट नहीं करने की वजह से हम डेडलाइन को पूरा नहीं कर पाते हैं और हमें लगता है कि भाई टाइम की इतनी ज्यादा कमी है काम ही नहीं हो पाया इसलिए इस गलती को रिपीट करने से बचें। सबसे जरूरी टास्क को सबसे पहले कीजिए और सबसे कम जरूरी टेस्ट को सबसे लास्ट में।

अगर आपको अपने टास्क को प्राइरोटाइज करने में प्रॉब्लम आ रही है तो आप खुद से भी है सवाल कर सकते हैं कि मैं इटारसी क्यों कर रही हूं या क्यों कर रहा हूं, इसे करने से क्या मेरे लक्ष्य को प्राप्त करने में मुझे मदद मिलेगी। अगर आपको जवाब मिले कि हां! यह काम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जरूरी है और इससे बहुत मदद मिलेगी तो समझ लीजिए यह आपका सबसे जरूरी टास्क है इसलिए इसे सबसे पहले कीजिए।

अपने टाइम को मैनेज करने के लिए आपको NO यानी नहीं कहना भी आना चाहिए। ऐसे कामों के लिए जो आपकी प्रायरिटी में नहीं आते हैं, आपके लक्ष्य को सपोर्ट नहीं करते हैं और आपके परफॉर्म इस पर भी असर डालते हैं इसलिए सही जगह पर YES यानी कि हां और गलत जगह पर नहीं कहना भी सीखिए।

  • टास्क लिस्ट बना लीजिए- कहने का मतलब यह है कि टाइम को ऑर्गेनाइज रखना है तो टास्क लिस्ट या टू डू लिस्ट की मदद लीजिए जो कि आपको बार-बार यह याद दिलाती रहती है कि आपको कब क्या करने की जरूरत है इस लिस्ट के जरिए आप अपने बड़े बड़े टास्क को छोटे-छोटे टास्क या स्टेप्स में बदल सकते हैं और आसानी से उन्हें एक के बाद एक पूरा करते जा सकते हैं लिस्ट बनाने से आपके माइंड पर यह वर्ड भी नहीं रहेगा कि आपको क्या याद रखना है और आप क्या बोल गए हैं क्योंकि आप उसे लिस्ट में लिख चुके होंगे इससे आपका माइंड भी काफी रिलैक्स रहेगा आपका फोकस बेहतर होगा और आप ऑर्गेनाइज बे में सारे टास्क टाइम पर पूरे कर पाएंगे अपने हाई प्रायरिटी टास्क को लिस्ट में सबसे ऊपर लिखिए और लो प्रायरिटी वाले टेस्ट को सबसे नीचे लिखिए। अगर कोई अर्जेंट वर्क हो तो आप उसे हाईलाइट भी कर सकते हैं। आप चाहे तो ज्यादा इफेक्टिव रिजल्ट के लिए नोटपैड में एक दिल्ली वीकली या मंथली प्लानर भी तैयार कर सकते हैं।
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वैसे यह बहुत ही अच्छा ऑप्शन है पर करने में थोड़ा मुश्किल रहेगा लेकिन जब आप इसे करना शुरू करेंगे तो आपको कितना हल्का महसूस होगा आपका दिमाग कितना फ्री रहेगा वह आप तभी महसूस कर पाएंगे जब आप ऐसा करेंगे। तो फिर तैयारी कीजिए इसे पूरा करने की।

  • बेस्ट प्रोडक्टिव टाइम सिलेक्ट कीजिए- हम में से बहुत सारे लोग मॉर्निंग प्रसन्न होते हैं जिनकी क्रिएटिविटी और प्रोडक्टिविटी सुबह के कुछ घंटों में बहुत ज्यादा रहती है अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा है तो अपने टास्क को कुछ इस तरह से अनुसूचित कीजिए कि इस बेस्ट टाइम में आप हाई वैल्यू टेस्ट करें। जबकि बहुत से लोगों की क्रिएटिविटी और एनर्जी शाम के बाद हाई हो जाती है। अगर आपके साथ कुछ ऐसा होता है तो आप अपने हाई प्रायरिटी टास्क को शाम के बाद शुरू कर सकते हैं।

मतलब यह है कि आप तिनके जिस समय बेस्ट परफॉर्मर्स दे सकते हैं उस टाइम में ही हाई वैल्यू हाई प्रायरिटी वाला टास्क कीजिए, और ईमेल चेक करना या कॉल बैक करने वाले कम इंपॉर्टेंट टास्क आप इस टाइम के बाद भी कर सकते हैं।

तो कुल मिलाकर के आपको प्रायरिटाइज तो करना ही होगा।

  • एक बार में एक टास्क- इसका मतलब एक बार में एक काम को ही पूरा करें। अगर आप क्वालिटी वर्क को टाइम पर कंप्लीट करने का इरादा बना रहे हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप अपने फोकस को चार जगह पर लगाए रखने की वजह एक बार में एक ही टास्क पर फोकस बनाए। और क्योंकि यह बहुत ही ज्यादा जरूरी टास्क होगा तो इसे ज्यादा टेंशन की जरूरत भी होगी इसलिए मल्टीटास्किंग की बजाय एक टास्क पर फोकस बनाइए ताकि आपकी वर्क क्वालिटी कम ना हो और आप कम टाइम में जरूरी टास्क पर अच्छा परफॉर्म कर पाए।
  • डिस्ट्रक्शन को कम कीजिए- दोस्तों का कॉल, ईमेल का अलर्ट, या कोई मोबाइल में नोटिफिकेशन, कुछ ऐसे डिस्ट्रेक्शन है जिन्हें हम सीरियसली नहीं लेते और काम के बीच इन में उलझे रहते हैं। इससे पता है क्या होता है कौन सेंट्रेशन तो कम होता ही है साथ में प्रोडक्टिविटी भी लो हो जाती है और जो जरूरी काम होते हैं बे टाइम पर कंप्लीट नहीं हो पाने की वजह से स्ट्रेस भी होता है इसलिए इन्हें हल्के में लेने की वजह बहुत बड़ी अड़चन समझिए और जल्दी से जल्दी इन्हें दूर कीजिए।
  • टालमटोल से बाहर आइए– यह शायद दुनिया का बहुत ही मुश्किल काम है ऐसे लोग कहते हैं। लेकिन हमें पूरा विश्वास है आज यह जान लेने के बाद आपको पैसा नहीं लगेगा, क्योंकि आज का काम कल पर डालना बल्कि आपको बहुत अच्छा लगे लेकिन अगर आप टाइम मैनेज करना चाहते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको यह टालमटोल की आदत छोड़नी ही होगी।
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इसके लिए शुरू में आपको खुद पर थोड़ा एक्स्ट्रा एफर्ट लगाना पड़ सकता है लेकिन जब आप समझ जाएंगे कि यह आपके लिए कितना नुकसानदायक है और आपके लक्ष्य से आपको दूर ले जा रहा है तो आप इसे छोड़ना ही पसंद करेंगे और फिर टाइम मैनेजमेंट के लिए यह तो एक बेसिक जरूरत ही समझिए। तो टालमटोल के बारे में अभी बहाने बनाना बंद कीजिए और यह डिसाइड कीजिए कि आपको अपने टास्क को कंप्लीट कैसे करना है।

  • सख्त मत होइए– यह लाइन थोड़ी अजीब लग रही होगी, क्योंकि हमने आपको इतनी सारी चीजें बता दी और हम हम आपसे कह रहे हैं कि सख्त नहीं होना है। इसका मतलब यह है कि टाइम मैनेजमेंट के इस प्रोसेस में अगर आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार घंटों तक काम करते रहने का सोच रहे हैं, जोकि अभी आप सोच भी रहे होंगे, तो आपको बता दें कि ऐसा सोचने से या ऐसा करने से , आपका यह तरीका कुछ ही दिनों तक काम करेगा और आप बहुत जल्दी ही तक जाएंगे, इरिटेट हो जाएंगे, फ्रस्ट्रेट हो जाएंगे और शायद इसे कंटिन्यू करने का इरादा भी छोड़ दे इसलिए खुद के साथ इतना सख्त होने का सोचिए भी मत। वरना यह आपकी सबसे बड़ी गलती होगी इसकी बजाय अपने सिस्टमैटिक टाइम मैनेजमेंट के अनुसार कास्ट को पूरा करें, जिसमें ब्रेक्स को भी शामिल करें।

टास्क के बीच हर 1 घंटे में पांच 5 मिनट के छोटे-छोटे ब्रेक लीजिए क्योंकि वह टाइम वेस्टिंग नहीं होंगे बल्कि टॉप क्वालिटी वर्क करने में आपकी हेल्प करेंगे। और इस तरीके से इन 8 टिप्स को फॉलो करके आप अपना टाइम बहुत आसानी से मैनेज कर पाएंगे और अपने गोल्स को भी प्राप्त कर पाना आपके लिए आसान हो जाएगा और हां टाइम की जो शॉर्टेज आपको आज तक होती आई है कि 24 घंटे बहुत कम लग रहे हैं वह भी दूर हो जाएगी। बल्कि हो सकता है अपने सारे इंपॉर्टेंट कार्य कंप्लीट करने के बाद भी आपके पास 1 दिन में इतना टाइम बच जाए कि आप रिलैक्स भी कर सके और एक अच्छी बॉक् भी इंजॉय कर सके।

इसीलिए टाइम मैनेजमेंट की इंपोर्टेंस को समझें और अपनी जिंदगी को बेहतर और बैलेंस बना लीजिए। आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर बताइएगा और साथ ही आप कौन-कौन सी टिप्स फॉलो कर रहे हैं या फिर प्लान कर रहे हैं कि यह तो चार करनी ही है। क्योंकि जैसा कि हमने बताया आपको सख्त नहीं होना है बल्कि धीरे-धीरे आराम से शुरुआत कीजिए। एक साथ करने जाएंगे तो गाड़ी ना तो इधर मोड़ेगी ना उधर और आप बीच में ही रह जाएंगे।

हम चाहते हैं कि आपकी गाड़ी बहुत दूर तक जाए और आपको सफलता प्राप्त हो।

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