Floor Test in Hindi| फ्लोर टेस्ट क्या होता है – पूरी जानकारी हिंदी में | What is Floor Test ?

महाराष्ट्र में चल रहे पॉलिटिकल ड्रामे पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में Floor Test करवाया जाएगा।

Floor Test होता क्या है ?

Floor Test एक तरह की एक ऐसी संविधानिक प्रक्रिया होती है जिसके तहत यह पुख्ता किया जाता है कि राज्य सरकार के पास सरकार चलाने लायक पूरा समर्थन है या नहीं। फ्लोर टेस्ट को हिंदी में बहुमत परीक्षण कहते हैं।

अगर किसी सरकार के पास बहुमत है तो उसे फ्लोर टेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन अगर किसी सरकार के पास बहुमत नहीं है तो राज्यपाल या राष्ट्रपति द्वारा उस सरकार को कुछ समय दे दिया जाता है अपनी सरकार का बहुमत पेश करने के लिए। ऐसे में पार्टी विधायकों को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश करती है और अगर वह फ्लोर टेस्ट में जीत जाती है तो उसी पार्टी की सरकार बन जाती है और उन्हें शपथ ग्रहण करवा दी जाती है।

बहुमत का मतलब होता है सदन के 50% से एक आदमी ज्यादा, एक सांसद या एक विधायक ज्यादा। अगर उस पार्टी के पास पहले से बहुमत नहीं थी तो वह फ्लोर टेस्ट में इस बहुमत को साबित कर सकती है। इसी बहुमत परीक्षण को या यह साबित करने को कि मेरे पास बहुमत है फ्लोर टेस्ट कहा जाता है।

 

Floor Test के तहत गवर्नर द्वारा अप्वॉइंट किए गए चीफ मिनिस्टर यानी कि मुख्यमंत्री को विधानसभा के फ्लोर पर अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा जाता है।

Floor Test होता कैसे है ?

जब भी किसी राज्य की सरकार को विधानसभा में Floor Test के लिए बुलाया जाता है तो ऐसे केस में उस राज्य के मुख्यमंत्री को अपना विश्वास मतपेश कर विधानसभा में बहुमत साबित करना होता है। लेकिन अगर वह अपना बहुमत साबित नहीं कर पाता है तो ऐसे केस में फ्लोर टेस्ट फेल हो जाता है। और तब मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा देना पड़ता है।

इस पूरी प्रक्रिया में वोटिंग करवाई जाती है जिसमें विधायकों का ध्वनिमत में लिया जाता है और इसके बाद एक और कोरम बैल बजती है और इसके बाद विधायकों को पक्ष और विपक्ष में बैठने को कहा जाता है जिसके बाद विधायक सदन में बनी हां और ना की लॉबी में चले जाते हैं।

फिर पक्ष और विपक्ष में खड़े विधायकों की गिनती की जाती है और इस गिनती के बाद स्पीकर परिणाम घोषित कर देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि इस Floor Test की पूरी निगरानी प्रोटेम स्पीकर की निगरानी में होगी।

Floor Test in Hindi| फ्लोर टेस्ट क्या होता है - पूरी जानकारी हिंदी में | What is Floor Test ?
Floor Test in Hindi| फ्लोर टेस्ट क्या होता है – पूरी जानकारी हिंदी में | What is Floor Test ?

Floor Test में प्रोटेम स्पीकर कौन होता है ?

प्रोटेम का मतलब होता है कुछ समय के लिए। यानी प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति जितने वक्त के लिए की जाती है इतने वक्त तक विधानसभा का स्थाई स्पीकर नहीं चुन लिया जाता। प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति खुद राज्यपाल करते हैं। प्रोटेम स्पीकर का सबसे पहला काम होता है सदन में चुनकर आए विधायकों को शपथ दिलाना।

क्योंकि जब तक विधायकों को शपथ नहीं दिलाई जाएगी तब तक विधायकों को सदन का हिस्सा नहीं माना जाएगा। प्रोटेम स्पीकर को खुद गवर्नर चुनते हैं और परंपरा के मुताबिक सदन में सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है। यानी कि जो सबसे ज्यादा बार सदन में विधायक चुनकर आया हो उसे प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है।

अब इस Floor Test की प्रक्रिया को स्टेप बाय स्टेप फिर से समझते हैं।

पहले राज्यपाल प्रोटेम स्पीकर को चुनते हैं।

उसके बाद राज्यपाल प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाते हैं।

फिर प्रोटेम स्पीकर चुनकर आए विधायकों को शपथ दिलाते हैं।

फिर सदन में Floor Test करवाया जाता है और उसके बाद प्रोटेम स्पीकर परिणामों को घोषित करते हैं।

महाराष्ट्र फ्लोर टेस्ट की न्यूज़ के लिए यह देखें

LIC की पॉलिसी देखने के लिए यहां क्लिक करें

Leave a Comment

How To Join Indian Air Force in Hindi ? | इंडियन एयर फोर्स में भर्ती कैसे लें ? PM e Mudra Loan Details in Hindi |पीएम मुद्रा योजना की पूरी जानकारी हिंदी में |PM e Mudra Loan Hindi बैंक ऑफ़ बड़ौदा होम लोन के बारे में पूरी जानकारी | Bank Of Baroda Home Loan Full Information in Hindi अग्नीपथ योजना क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में | What is Agnipath Yojna in Hindi ? सुकन्या समृद्धि योजना क्या है ?| Sukanya Samriddhi Yojna – पूरी जानकारी हिंदी में