Health Insurance लेने से पहले ये 10 बातें जान लेना |10 Points To Check Before Buying Health Insurance

दोस्तो ये Health Insurance Buying Guide है जिसकी मदद से आप देख पायेंगे की आपको कोनसा हैल्थ इन्शुरेंस लेना चाहिए।

इसमें हमने 10 ऐसे पॉइंट लिखे हैं जो आपको अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने से पहले देखने चाहिए-

1) Co-Payment In Health Insurance

इसमे आपका जितने का बिल आता है उसका कुछ % आपको देना होगा। जेसे अगर आपका 2 लाख का बिल आया तो उसका 20% आपको देना होगा। जो 2 लाख का 20,000 रुपए होता है। इसीलिए ऐसा प्लान लें जिसमे Co-Payment न हो या फिर कम हो।

2) Room Rent Capping In Health Insurance

इसका मतलब होता है रूम के रेंट पर लिमिट लगा देना। बोहोत सी पॉलिसी में रूम के रेंट के लिए sum assured का 1% ही मिलता है। जैसे अगर आपका 5 लाख रुपए का बीमा है तो उसका 1% आपको हॉस्पिटल के कमरे के किराए के लिए मिलेगा। यानी की 5 लाख का 1% जोकि होता है 5,000 रुपए।

आपको इसके लिए अपने आस पास के 3-4 हॉस्पिटल का किराया पता होना जरूरी है या आप इंटरनेट से भी पता कर सकते है।कोई – कोई कंपनी अपने कुछ पॉलिसी में Room Rent Capping नहीं रखती, फिर चाहे आपका रूम कितने का भी हो। यह तब काम आता है जब हॉस्पिटल में नॉर्मल वार्ड खाली नहीं होते और आपको प्राइवेट रूम या महंगा रूम लेना पड़ता है। तो ऐसे में अगर कंपनी sum assured का एक परसेंट ही देगी तो महंगे रूम का बाकी का किराया आपको अपनी जेब से देना पड़ेगा। इसलिए ऐसा इंश्योरेंस ले जिस में रूम रेंट पर कैपिंग ना हो।

3) ICU Charges and Doctor Fees In Health Insurance

आपको पॉलिसी में ये जरूर चेक कए लेना है की उसमे ICU चार्ज या डॉक्टर की फीस इंक्लुड होती है की नहीं।

आपको यह भी देख लेना है की इसमे Tests, Drugs & Medicines कवर है की नहीं।

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Consumables – दोस्तो आज कल बीमा कंपनी PPE KIT, Hand Gloves, Sanitizer ये सब चीजे जो डॉक्टर द्वारा आपके इलाज में इस्तेमाल की जाती है उसका पैसा भी आपसे वसूलती है। ये बेनिफ़िट हमे पॉलिसी में अलग से कुछ एक्सट्रा प्रीमियम देके जुड़वाना पड़ता है। नहीं तो आपको हर बार 2-4 हज़ार अपनी जेब से देने पड़ेंगे। इसलिए जब भी आप पॉलिसी लें तो इसको जरूरु लें। 

4) Sub-Limits In Specific Diseases In Health Insurance

Companies कुछ बीमारी और इलाज पर लिमिट लगा के रखती है बिलकुल रूम रेंट की तरह। कुछ बीमारियों के इलाज पर कंपनी पूरे पैसे नहीं देती। अगर आपको कोई बड़ी बीमारी है जैसे कैंसर, तो उसमे कंपनी कहती है की इसमे हम आपको पूरे पैसे नहीं दे पाएंगे इसमे companies  कुछ पैसे कम देती है।

जैसे डेलीवेरी में कुछ companies 30,000/- डेलीवेरी देती है चाहे फिर आपके 50,000 क्यों न लग जाए।

5) Waiting Period In Health Insurance

Waiting Period का सिम्पल सा मतलब है की कंपनी आपको बताती है की इस बीमारी का इलाज आप अभी नहीं बल्कि कुछ महीने या कुछ साल बाद ही करवा सकते है। अगर कोई बीमारी पहले से है तो उसमे 2-2 साल तक का भी वेटिंग पीरियड दिया जाता है। उन बीमारियो को हम Pre – Existing Diseases बोलते है।

इसमे ज़्यादातर बड़ी बीमारियाँ ही होती है। जैसे- दिल में छेद, Heart Blockage, थ्यरोइड।

लेकिन नॉर्मल बीमारी तो 1 महीने बाद से ही कवर हो जाती है , जेसे मान लो अगर किसी को insurance लेने के बाद पथरी हो गई या पीलिया हो गया तो उसका इलाज वो 1 महीने बाद भी करवा सकता है। हर कंपनी में अलग अलग बीमारी के लिए अलग अलग टाइम होता है। इसलिए आप अपने एजेंट से सारी बाते पहले पूछ लें।

अगर बात करे एक्सिडेंट की तो उसका कवर तो हर कंपनी में पहले दिन से ही चालू हो जाता है।

6) Pre and Post Hospitalization In Health Insurance

इस benefit में जब भी आप हॉस्पिटल में एड्मिट होते है तो उस से 60 दिन पहले के खर्चे और 90 दिन बाद तक के खर्चे इसमे कवर किए जाते है । जेसा की हम सबको पता है की हॉस्पिटल से discharge होने के बाद भी हमारी दवाइयाँ चलती रहती है और कभी-कभी डॉक्टर भी हमे चेक-उप के लिए बुलाते है जिसमे उनकी फीस भी लगती है।

ये जो 60 दिन और 90 दिन का टाइम है ये हर पॉलिसी में अलग-अलग भी हो सकते है। किसी में जादा भी हो सकते है और किसी में कम।आपको इसका इतना लालच नहीं करना, हो सकता है की कंपनी आपको ये जादा देदे और किसी और चीज में आपको काट लें। आखिर कंपनी का भी मेन मकसद तो पैसा कमाना ही है न ।

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7) Health Check-up In Health Insurance

पॉलिसी लेते समय आपको हैल्थ check-up की लिमिट के बारे में भी पता करना है । इसका मतलब है की आप साल में एक बार अपना नॉर्मल health checkup करवा सकते है ।

लेकिन इसमे भी लिमिट होती है, जैसे कंपनी आपको health चेक-उप के लिए आपके sum assured का 1% ही देती है। जैसे अगर आपने 5 लाख का बीमा, यानि insurance लिया है तो उसका 1% जोकि 5,000 होता है। इतने रुपए तक का ही आप हैल्थ check – up करवा सकते है।

ये 5,000 है ये भी एक जने के लिए नहीं है, बल्कि सबके लिए है, मान लो आपने 3 लोगो का इन्शुरेंस लीआ है जिसमे आप, आपकी वाइफ़, और आपकी बेटी है तो आप तीनों का मिलाके 5,000 रुपए कंपनी देगी, न की 5,000 एक जने के लिए जो की 15,000 होते है।कुछ पॉलिसी में ऐसा होता है की अगर हमने किसी साल Claim नहीं लीआ तो ही हम Check-up करवा सकते है।

हम ऐसे फॅमिली प्लान को Family Floater Plan बोलते है जिसमे आप अपने साथ साथ अपने परिवार का भी बीमा कराते है।

8) Day Care Treatments In Health Insurance

इसका मतलब होता है वो Operations जिनमे Technology की वजह से टाइम कम लगता है और Patient को 24 घंटे हॉस्पिटल में भर्ती रहने की जरूरत नहीं है।

आप ऐसे treatment की लिस्ट policy में देख सकते है की ऐसे कौन-कौन से treatment है जिसमे 1 दिन भी एड्मिट नहीं रहना होता और उसका Claim मिलता है की नहीं। क्यूंकी जरूरी नहीं सारे ही Short Treatment इसमे कवर ही हो।

9) Automatic Restoration In Health Insurance

इसका मतलब है अगर आपने 5 लाख लाख का बीमा लिया और आपके इलाज में पूरे 5 लाख रुपए खर्च हो गए तो अब आपके पास कुछ नहीं बचा। और मान लो 2 महीने बाद आपको फिर admit  होना पड़ा तो आप क्या करोगे ?

ऐसे में कंपनी आपका Insurance Restore कर देती है। मतलब अब आप फिर से उसी साल 5 लाख रुपए तक का इलाज करवा सकते हो। लेकिन आपकी पॉलिसी में ये चीज है की नहीं आपको ये आपको पहले पता करना होगा और इस बेनिफ़िट को होने की वजह से premium भी थोड़ा सा बढ़ जाता है। लेकिन वो इतनी बड़ी बात नहीं है, क्यूंकी जहां लाखों का फायदा हो रहा हो वह 2-3 हज़ार रुपए नहीं देखे जाते।

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आपको इसमे एक बात और देखनी है की जिस साल आप डबल क्लैम ले लेते तो क्या उसके अगले साल आपको डबल क्लैम मिलेगा या नहीं और नहीं तो क्या उसके अगले साल मिलेगा ?

10) Policy Renewal In Health Insurance

कई बार देखा जाता है की 60 साल का होने के बाद कंपनी insurance को renew करने से मना कर देती है। तो आपको यह जरूर से देख लेना है की पॉलिसी में Lifetime Renewal है की नहीं। क्यूंकी इंसान को इलाज की जरूरत बुढ़ापे में ही ज्यादा होती है।

REQUEST

दोस्तो आपसे लास्ट में यही request है की अगर आपने इन्शुरेंस नहीं करवाया हुआ तो जरूर करवाए चाहे वो किसी भी कंपनी का हो और कहीं से भी करवाओ लेकिन करवाओ जरूर।

आज कल तो आप किस्तों में भी प्रीमियम दे सकते हो, जैसे हर 3 महीने या 6 महीने में।

और दोस्तो अगर आपको फिर भी अभी किसी दिक्कत की वजह से Health Insurance लेने में दिक्कत हो रही है तो आप LIC की एक न एक पॉलिसी तो जरूर लें, क्यूंकी इसमे आपको पहले दिन से ही accidental benefit मिलता है और समय का किसी को कुछ नहीं पता होता कब क्या हो जाए। जैसे आपने भी कुछ दिन पहले न्यूज़ में सुना होगा की एक बाइक वाले को कार वाले ने पूल पर टक्कर मार दी और वो नीचे गिर कर मर गया। आज के टाइम में रोज़ी रोटी के लिए सभी को ही बाहर जाना पड़ता है। आपके न होने पर भी LIC आपके परिवार को एक मोटी और अच्छी ख़ासी रकम देती है जो आपके परिवार को काफी सहारा देती है।

अगर आप अपने लिए कोई LIC  पॉलिसी लेना चाहते है तो JEEVAN LABH देख सकते है । या अगर आप अपने छोटे बच्चे के लिए देख रहे है तो JEEVAN LAKSHAY लें सकते है।

ज्यादा जानकारी के लिए आप मेरी LIC की बाकी की Videos देख सकते है।

 

यहाँ आप Images में देख सकते है !

हैल्थ इन्शुरेंस लेने से पहले इन 10 बातों का ध्यान रखना चाहिए !

 

को-पेमेंट

 

रूम रेंट capping

 

आईसीयू charges

 

 

 

 

 

 

 

 

अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस की वीडियो देखना चाहते हैं तो यहां से देख सकते हैं –

हेल्थ इंश्योरेंस के साथ-साथ आप लाइफ इंश्योरेंस की एलआईसी की पॉलिसी भी देख सकते हैं

 

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