लाल डोरा जमीन क्या होती है ? – इसके फायदे और नुकसान| What is Lal Dora Land ?

नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे Lal Dora जमीन के बारे में और जानेंगे कि Lal Dora जमीन किसे कहते हैं। Lal Dora का सिस्टम अंग्रेजों ने सन 1908 में शुरू किया था। होता क्या था कि जितनी भी ग्रामीण आबादी थी और उसके आसपास की जो जमीन थी अंग्रेजों ने ग्रामीण आबादी का और उसके आसपास की जमीन का एक नक्शा तैयार किया और एक लाल लाइन खींच दी जिसमें ग्रामीण आबादी को अलग से दिखाया जाता था और उसके आसपास की जमीन को अलग से दिखाया जाता था। और इन दोनों जमीन के बीच में जो खाली जमीन थी उसे Lal Dora जमीन कहा गया। इस Lal Dora जमीन पर अक्सर लोग अपने गाय, भैंस, बैल वगैरह बांधते थे।

ऐसा अंग्रेजों ने इसलिए किया था ताकि उन्हें यह पता चल सके कि किस जमीन से उन्हें कितना टैक्स प्राप्त हो रहा है।

लाल डोरा जमीन क्या होती है ? - इसके फायदे और नुकसान| What is Lal Dora Land ?
लाल डोरा जमीन क्या होती है ? – इसके फायदे और नुकसान| What is Lal Dora Land ?

Lal Dora जमीन की विशेषताएं –

लाल डोरा के अंदर जो भी जमीन होती थी तो वहां पर जिसका भी घर बना हुआ है या फिर किसी ने कहीं पर कब्जा करा हुआ था तो वह जमीन उसी की हो जाती थी। लेकिन जो भी लाल डोरे के अंदर जमीन होती थी उसकी कभी भी कोई रजिस्ट्री नहीं होती थी ना ही उस पर आप बैंक से लोन ले सकते थे। जमीन खरीदने वाले भी लाल डोरा जमीन को खरीदने से परहेज करते हैं क्योंकि उस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाती थी।

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जो भी जमीन लाल डोरे से बाहर होती थी उनके ऊपर नंबरिंग भी होती थी और वे रजिस्टर्ड भी होती थी।

लाल डोरा जमीन दिल्ली के साथ अन्य राज्यों में भी पाई जाती है। दिल्ली के अंदर आज भी 300 से ऊपर ऐसे गांव हैं जो लाल डोरा जमीन में आते हैं। यह बस कहने के लिए ही गांव हैं असल में वहां पर आज बड़े-बड़े मॉल खड़े हो गए हैं। लाल डोरा जमीन का बस एक यही फायदा है कि यहां पर आपको जमीन सस्ते में मिल जाती है पर यहां पर घिच-पिच की परेशानी झेलनी पड़ती है।

क्या लाल डोरा जमीन पर लोन मिलता है ?

लाल डोरा जमीन पर लोन मिलता भी है और नहीं मिलता। ज्यादातर लोन बैंक या फाइनेंशियल कंपनी द्वारा दिया जाता है और यह लोग लोन केवल या तो रजिस्टर्ड जमीन पर लोन देते हैं या फिर ऐसी जमीन पर लोन देते हैं जिसका प्लान अप्रूव्ड हो। लाल डोरा जमीन पर लोग अपने हिसाब से प्लॉट काटते और बनाते हैं। इस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता जिसकी वजह से ऐसी जमीनों पर लोन लेना मुश्किल हो जाता है। लेकिन समय के साथ-साथ अब 2022 में कुछ बैंक और कंपनी है जो लाल डोरा जमीन पर भी लोन देती है।

क्या आपको लाल डोरा जमीन लेनी चाहिए ?

भले ही आपको लाल डोरा वाली जमीन कम रेट में ही मिल रही है और आपको फायदा हो जाए लेकिन आने वाले समय में आपको परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है, अगर सरकार कोई कानून लाती है तो वह उसका इस्तेमाल सभी के लिए बराबर तरीके से करेगी।

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लेकिन अपनी तसल्ली के लिए आप सरकार से लालडोरा का सर्टिफिकेट भी बनवा सकते हैं और अपनी जमीन को रजिस्टर भी करवा सकते हैं पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की आप की जमीन ऑथराइज्ड हो जाएगी। यह केवल इसलिए दिया जाता है ताकि आपको गवर्नमेंट की सारी सुविधाएं मिल सके जैसे कि बिजली, पानी, रोड आदि।

आपको यह जमीन खरीदने से पहले काफी सतर्कता बरतनी होगी जैसे जमीन लेने से पहले आपको यह देखना होगा कि जो जमीन आप जिस से ले रहे हैं वह सच में उस जमीन का मालिक है भी कि नहीं, और उसके पास लाल डोरा सर्टिफिकेट है कि नहीं, उसकी तहसील के अंदर यानी जहां पर वह जमीन है वहां पर उसके रिकॉर्ड है कि नहीं यानी पूरी चैन है या नहीं।

दूसरी चीज आपको यह भी चेक कर लेनी है कि एमसीडी ने जहां पर आप जमीन ले रहे हैं उस जमीन को ब्लैक लिस्ट में तो नहीं रखा हुआ यानी जहां पर डिमोलिशन होना है। या फिर वह जमीन अवैध तो नहीं है, या उस जमीन पर कोई केस तो नहीं चल रहा। यह सभी चीजें आपको अपनी तहसील में चेक करवा लेनी है।

वैसे तो हमारे देश में तीन में से एक व्यक्ति अनऑथराइज्ड कॉलोनी में ही रहता है। आप अपनी जमीन की रजिस्ट्री बहुत ही कम पैसों में करवा सकते हैं। लेकिन रजिस्ट्री का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप की जमीन औथोराइज़ेड मानी जाएगी। यह केवल इसलिए है ताकि भविष्य में सरकार कोई कार्रवाई करें तो आपको कंपनसेशन मिल सके।

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दिल्ली में लाल डोरा जमीन कौन-कौन सी है ?

वेस्ट दिल्ली – उत्तम नगर, महावीर एनक्लेव

साउथ दिल्ली – साउथ दिल्ली वैसे तो प्राइम लोकेशन में आता है परंतु यहां पर अभी भी कुछ जगह है ऐसी है जो लाल डोरा में आती है जैसे – किशनगढ़, खिड़की एक्सटेंशन, मुनीरिका, संत नगर, छतरपुर, कटवारिया सराय, महरौली एक्सटेंशन।

ईस्ट दिल्ली – कोटला गांव, कोंडली, त्रिलोकपुरी, खेड़ा गांव।

नॉर्थ दिल्ली– नेताजी सुभाष विहार, नवाड़ा, नरेला, गोपालपुरी, रोहिणी का हिस्सा।

 

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