LIC Nivesh Plus 849 in Hindi | एलआईसी निवेश प्लस 849 हिन्दी में

आज हम चर्चा करने वाले हैं एलआईसी के LIC Nivesh Plus 849 प्लान के बारे में जिसका प्लान नंबर है 849.

LIC Nivesh Plus 849 की कुछ विशेषताएं –

  • यह एक ULIP प्लान है – अर्थात यह शेयर मार्केट से जुड़ा हुआ प्लान है।
  • इस प्लान में आपको इंश्योरेंस का फायदा तो मिलता ही है साथ में आपको आपकी इन्वेस्टमेंट पर अच्छा खासा रिटर्न भी मिलता है।
  • जो लोग शेयर मार्केट में पैसा लगाना चाहते हैं और उनको शेयर मार्केट की ज्यादा नॉलेज नहीं है या उनके पास ज्यादा टाइम नहीं है तो वह इस प्लान में अपना पैसा लगा सकते हैं।
  • LIC Nivesh Plus 849 एक सिंगल प्रीमियम प्लान है – मतलब इसमें आपको एक साथ वन टाइम प्रीमियम देना होगा। क्योंकि काफी सारे प्लान ऐसे होते हैं जिसमें आपको हर साल, हर महीने या 6 महीने में पैसा जमा करना होता है। तो यह ऐसा प्लान बिल्कुल भी नहीं है इसमें आपको सिंगल टाइम ही प्रीमियम देना है।
  • अगर आप एक साथ पैसा ना देकर महीने या साल में देना चाहते हैं तो आप एलआईसी का दूसरा प्लान SIIP देख सकते हैं।

LIC Nivesh Plus 849 काम कैसे करता है –

तो आप जो भी प्रीमियम देते हैं एलआईसी उसे शेयर बाजार में लगा देती है और उससे जो भी रिटर्न मिलती है उसमें से एलआईसी अपना कमीशन काटकर आपको मेच्योरिटी प्रदान कर देती है जिसमें आपको भी काफी अच्छा अमाउंट मिलता है।

LIC Nivesh Plus 849 के लिए पात्रता –

मिनिमम उम्र- निवेश प्लस 849 को लेने के लिए उम्र 90 दिन से ज्यादा की होनी चाहिए। यानी कि 90 दिन से ज्यादा की उम्र का कोई बच्चा भी इस पॉलिसी को ले सकता है ।

बीमित राशि (SUM ASSURED) – एलआईसी ने बीमित राशि का चुनाव करने के लिए निवेश प्लस 849 में दो ऑप्शन दिए हैं –

Option 1 – पहले ऑप्शन में एलआईसी कहती है कि आप जो भी प्रीमियम देंगे उसका 1.25 गुना का आपका SUM ASSURED हो जाएगा। उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति ₹2 लाख का सिंगल प्रीमियम देता है तो ऑप्शन 1 के अनुसार उसका Sum Assured 2 लाख का 1.25 गुना यानी ₹2,50,000 हो जाएगा।

Option 2 – दूसरे ऑप्शन में एलआईसी कहती है कि आप जो भी प्रीमियम देंगे उसका 10 गुना का आपका SUM ASSURED हो जाएगा। उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति ₹2 लाख का सिंगल प्रीमियम देता है तो ऑप्शन 2 के अनुसार उसका Sum Assured 2 लाख का 10 गुना यानी ₹20,00,000 हो जाएगा।

तो आप ऑप्शन वन या ऑप्शन दो दोनों में से किसी एक का पॉलिसी लेते समय चुनाव कर सकते हैं। अगर आप ज्यादा रिस्क कवर चाहते हैं तो आपको ऑप्शन 2 सिलेक्ट करना है और अगर आप कम रिस्क कवर चाहते हैं तो आप ऑप्शन 1 का चुनाव कर सकते हैं।

अधिकतम उम्र – अगर आप ऑप्शन 1 के अंतर्गत इस पॉलिसी को लेना चाहते हैं तो आप की उम्र 70 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यानी कि 70 वर्ष तक के व्यक्ति ऑप्शन 1 का चुनाव कर सकते हैं।

और यदि आप ऑप्शन 2 लेना चाहते हैं तो आप की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए 35 वर्ष तक के व्यक्ति ही ऑप्शन 2 का चुनाव करके इस पॉलिसी को ले सकते हैं।

पॉलिसी टर्म – अगर आप ऑप्शन 1 लेते हैं तो आप इस पॉलिसी को 10 साल से लेकर 25 साल तक के लिए ले सकते हैं।

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लेकिन अगर बात करें ऑप्शन दो कि तो अगर आप की उम्र 25 साल तक है तो आप इस पॉलिसी को 10 साल से लेकर 25 साल तक के लिए ले सकते हैं।

लेकिन अगर आपकी उम्र 26 साल से लेकर 30 साल के बीच में हैं तो आप इस पॉलिसी को केवल 10 साल से लेकर 20 साल तक के लिए ही ले सकते हैं।

और अगर आपकी उम्र 31 साल से लेकर 35 साल तक की है तो आप इस प्लान को ज्यादा से ज्यादा 10 साल के लिए ही ले सकते हैं।

मेचूरिटि एज – मेच्योरिटी एज का मतलब होता है जब आप की पॉलिसी की मैच्योरिटी होगी तब आपकी ज्यादा से ज्यादा उम्र कितनी हो सकती है। यानी कि जो आपकी उम्र है और जो आपका पॉलिसी टर्म है उन दोनों का टोटल दी गई मेच्योरिटी एज से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

उदाहरण के लिए ऑप्शन 1 में मेच्योरिटी एज 85 वर्ष दी गई है। यानी कोई भी व्यक्ति ऑप्शन 1 के अंतर्गत इस पॉलिसी को लेता है तो उसकी उम्र और पॉलिसी टर्म दोनों का टोटल मिलाकर 85 से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

और यदि आप ऑप्शन दो का चुनाव करते हैं तो उसमें मेच्योरिटी एज 50 वर्ष दी गई है। जिसका मतलब आपकी उम्र और पॉलिसी कदम मिलाकर 50 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए।

प्रीमियम – इसका मतलब निवेश प्लस 849 पॉलिसी को लेने के लिए आप को कम से कम कितना प्रीमियम जमा करवाना होगा। अगर आप निवेश प्लस को लेना चाहते हो तो आप को कम से कम ₹1 लाख सिंगल प्रीमियम जमा करवाना होगा और ज्यादा से ज्यादा आप अपनी इनकम के अनुसार कितने भी रुपए तक का प्रीमियम जमा करवा सकते हो।

अगर आप निवेश प्लस 849 को लेते हैं तो आपको चार ऑप्शन दिए जाते हैं –

  1. Bond Fund
  2. Secured Fund
  3. Balanced Fund
  4. Growth Fund

आपको इन चारों फंड में से किसी एक फंड का पॉलिसी लेते समय चुनाव करना होगा।

Bond Fund – अगर आप बॉन्ड फंड का चुनाव करते हैं तो आपका पैसा शेयर मार्केट में ना लग कर गवर्नमेंट की सिक्योरिटी में लग जाता है। यानी गवर्नमेंट आपके पैसे को शेयर मार्केट में नहीं लगाती और अपने ही पास किसी सेफ इन्वेस्टमेंट में लगा देती है। इस फंड में रिस्क बहुत ही कम होता है और इसी वजह से इसमें रिटर्न भी कम होती है।

Secured Fund – इस फंड में आपके प्रीमियम का 15% से 55% हिस्सा शेयर मार्केट में लगता है और बाकी का बचा हुआ हिस्सा सरकार की सिक्योरिटीज में लग जाता है। इस फंड में लो से मीडियम रिस्क रहता है और इसी वजह से अच्छे रिटर्न आने के चांस भी बढ़ जाते हैं।

Balanced Fund – इस फंड में आपके पैसे का 30% से 70% तक का हिस्सा शेयर मार्केट में लगाया जाता है और बाकी पैसा गवर्नमेंट अपनी सिक्योरिटीज में लगा लेती है और इसी वजह से इसमें रिटर्न भी अच्छा मिलता है और पहले दो फंडों के मुकाबले इसमें रिस्क ज्यादा होता है। मतलब इस फंड में आपका आधा पैसा शेयर मार्केट में लगता है और आधा पैसा गवर्नमेंट की सिक्योरिटीज में लगता है।

Growth Fund – यह लास्ट फंड है जिसमें आप का ज्यादातर हिस्सा शेयर मार्केट में लगता है और बाकी का गवर्नमेंट के सिक्योरिटीज में। यहां पर आपका 40% से 80% तक का प्रीमियम शेयर मार्केट में लगाया जाता है और बाकी का लगभग 20% गवर्नमेंट की सिक्योरिटीज में लगता है। क्योंकि इस फंड में आप का ज्यादातर हिस्सा शेयर मार्केट में लगा हुआ होता है तो इसमें पैसे डूबने का रिस्क भी सबसे ज्यादा रहता है लेकिन इसमें रिटर्न भी सबसे ज्यादा मिलती है।

LIC Nivesh Plus 849 में रिस्क की शुरुआत कब से होगी ?

क्योंकि यह पॉलिसी बच्चों के लिए दी जाती है तो यह समझना जरूरी है कि पॉलिसी लेने के कितने साल बाद या कब से बच्चे की रिस्क की शुरुआत होगी।

यदि बच्चे की उम्र 8 वर्ष से कम है तो पॉलिसी लेने के 2 साल बाद या बच्चे की उम्र 8 वर्ष पूरे होने तक, जो भी दोनों में से पहले हो जाएगा तो रिस्क की शुरुआत हो जाएगी।

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उदाहरण के लिए अगर बच्चे की उम्र 4 साल है तो 2 साल बाद रिस्क की शुरुआत हो जाएगी यानी कि जब वह 6 साल का हो जाएगा। और यदि बच्चे की उम्र 7 साल है तो उसे 2 साल का इंतजार नहीं करना होगा उसके 8 साल का होते ही रिस्क की शुरुआत हो जाएगी।

LIC Nivesh Plus 849 का उदाहरण –

तो यहां पर हम मान लेते हैं कि मिस्टर मनोज जिनकी उम्र 30 साल है उन्होंने यह पॉलिसी 20 साल के लिए ली है। अगर बात करें प्रीमियम की तो उन्होंने यह ₹1 लाख सिंगल प्रीमियम देकर यह पॉलिसी ली है।

उसके बाद अगर हम फंड टाइप की बात करें तो उन्होंने बैलेंसड फंड में अपना पैसा लगाया है। और बात करें रिस्क कवर यानी कि तो उन्होंने यहां पर ऑप्शन 2 का चुनाव किया है जिसमें उनके प्रीमियम का 10 गुना Sum Assured यानी रिस्क कवर हो जाएगा।

इसका मतलब अगर वह 30 साल की उम्र में निवेश प्लस को लेते हैं तो 50 साल की उम्र में उनकी यह पॉलिसी पूरी हो जाएगी और उन्हें मैच्योरिटी मिल जाएगी। क्योंकि यह पॉलिसी शेयर मार्केट से जुड़ी हुई है इसलिए मैच्योरिटी की वैल्यू पहले से तय नहीं होगी इसकी वैल्यू केवल मैच्योरिटी होने पर ही पता लगाई जा सकती है।

तो हम यहां पर मानकर चलते हैं कि आपने जो पैसा लगाया है उस पर हर साल आपको 7% की रिटर्न मिलती है। हो सकता है यह रिटर्न 15% भी हो और हो सकता है यह रिटर्न 10% भी हो लेकिन यहां पर हम 7% मानकर चल रहे हैं। तो यहां पर 7% के हिसाब से मिस्टर मनोज को 20 साल बाद ₹4 लाख की मैच्योरिटी मिल जाएगी।

लेकिन एलआईसी ने आज कल एक सुविधा पॉलिसी होल्डर को दे दी है जिसकी मदद से वह अपने फोन में ही अपने लगाए हुए पैसों की वैल्यू देख सकते हैं। आपको अपनी एलआईसी पोर्टल का लॉगइन आईडी और पासवर्ड पता होना चाहिए जो एजेंट द्वारा आप को दिया जाएगा।

LIC Nivesh Plus 849 में मृत्यु पर क्या मिलेगा ?

मृत्यु होने पर एलआईसी यहां पर दो चीजें देखती है और उन दोनों में से जो भी सबसे ज्यादा होता है वह नॉमिनी को मिल जाता है।

  1. Fund Value
  2. Basic Sum Assured

तो मान लेते हैं कि मिस्टर मनोज की उम्र पॉलिसी लेने के 9वे साल में हो जाती है। तो अगर बात करें फंड वैल्यू की तो 7% प्रति साल के हिसाब से उनकी फंड वैल्यू की कीमत ₹1,86,740 होगी और वही अगर बात करें बीमित राशि की तो वह 10,00,000 होगी क्योंकि हमने ऑप्शन दो सिलेक्ट किया था।

एलआईसी दोनों में से जो भी ज्यादा अमाउंट होता है वह नॉमिनी को दे देती है। और इस केस में बीमित राशि ₹10 लाख है जोकि फंड वैल्यू से ज्यादा है तो नॉमिनी को ₹10 लाख का ही भुगतान हो जाएगा।

आप अपनी पॉलिसी में Accidental Death Benefit Rider भी जुड़वा सकते हैं। इसको जुड़वाने के बाद पॉलिसी होल्डर की मृत्यु पर नॉमिनी को ₹10 लाख एक्स्ट्रा और मिल जाएंगे। यह एक एक्स्ट्रा बेनिफिट है जिसको जुड़वाने के बाद आप का प्रीमियम भी बढ़ जाता है। तो इस राइटर को जुड़वाने के बाद इस केस में नॉमिनी को एलआईसी की तरफ से ₹20 लाख का भुगतान हो जाएगा।

LIC Nivesh Plus 849 में Partial Withdraw कब करवा सकते हैं ?

अगर आप अपनी पॉलिसी पीरियड के दौरान बीच में कुछ पैसा निकलवाना चाहते हैं तो आप वह भी कर सकते हैं।

LIC Nivesh Plus 849 in Hindi | एलआईसी निवेश प्लस 849 हिन्दी में
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  • आप इस टेबल में भी देख सकते हैं कि आप पॉलिसी के छठवें साल से लेकर 10वे साल के बीच में अपनी फंड वैल्यू का 20% निकाल सकते हैं।
  • उसी तरीके से 11वे साल से लेकर 15वे साल के बीच में आप अपनी फंड वैल्यू का 25% निकाल सकते हैं।
  • 16वे साल से लेकर 20वे साल के बीच में आप अपने फंड वैल्यू का 30% निकाल सकते हैं ।
  • अंत में 21वे साल से लेकर 25वे साल के बीच में आप अपने फंड वैल्यू का 35% निकाल सकते हैं।
  • और दोस्तों अगर आप अपनी पॉलिसी में से बीच में कुछ पैसा निकालते हैं तो हर बार आपको ₹100 चार्ज देना होगा।
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LIC Nivesh Plus 849 में गारंटीड एडिशन –

एलआईसी ने इस प्लान में आपको गारंटीड एडिशन भी दिया है यानी कि एलआईसी अपनी तरफ से कुछ पैसा आपके फंड में ऐड करती है।

LIC Nivesh Plus 849 in Hindi | एलआईसी निवेश प्लस 849 हिन्दी में
LIC Nivesh Plus 849 in Hindi | एलआईसी निवेश प्लस 849 हिन्दी में

इस टेबल में आप देख सकते हैं कि एलआईसी आपके पॉलिसी पीरियड के 6वे साल आपके सिंगल प्रीमियम का 3% आपकी फंड वैल्यू में ऐड करती है। उदाहरण के लिए अगर आपने ₹1 लाख का सिंगल प्रीमियम जमा कराया है तो पॉलिसी के 6वे साल उस प्रीमियम का 3% यानी कि ₹3000 एलआईसी अपनी तरफ से आपकी फंड वैल्यू में जोड़ देगी।

उसी तरीके से पॉलिसी पीरियड के 10वे साल भी एलआईसी ₹1 लाख का 4% यानी ₹4000 अपनी तरफ से आपकी फंड वैल्यू में जोड़ देगी। यह अमाउंट एलआईसी अपनी तरफ से गिफ्ट के तौर पर जोड़ दी है। इसका आपकी बढ़ी हुई फंड वैल्यू से कोई लेना देना नहीं है वह तो आपकी जो बढ़ेगी वो मिलेगी।

LIC Nivesh Plus 849 में Fund Switching –

एलआईसी ने हमें यहां पर फंड में स्विच करने का ऑप्शन भी दिया है इसका मतलब अगर पॉलिसी लेते समय आपने बैलेंस फंड का चुनाव किया था और बाद में आप का मन करता है कि आपको ग्रोथ फंड में पैसा लगाना चाहिए था तो आप उसको बदलवा भी सकते हो। आप यह बदलाव साल में 4 बार फ्री कर सकते हो।

अगर आप 1 साल में 4 बार से ज्यादा फंड स्विच करवाते हो तो आपको एक स्विच पर ₹100 की फीस देनी होगी।

उसके बाद यहां पर एक फायदा और है कि अगर आपने पॉलिसी लेते समय इसमें एक्सीडेंटल राइडर जुड़वाया है तो आप उसको बाद में कैंसिल भी करवा सकते हो।

LIC Nivesh Plus 849 में सरेंडर कब करवा सकते हैं ?

5 वर्ष के बाद आप इस पॉलिसी को सरेंडर करवा सकते हैं।

LIC Nivesh Plus 849 में लोन सुविधा –

यहां पर काफी लोगों का सवाल आता है कि क्या हम इस पॉलिसी में लोन ले सकते हैं तो दोस्तों इस पॉलिसी में आपको लोन की कोई भी सुविधा नहीं मिलती।

LIC Nivesh Plus 849 टैक्स बेनिफिट –

आप जो भी प्रीमियम देंगे उसका रिडक्शन इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत ले सकते हैं।

दोस्तों आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि इस प्लान में प्रीमियम के साथ-साथ मैच्योरिटी भी बिल्कुल टैक्स फ्री होती है चाहे आप ऑप्शन 1 का चुनाव करें या ऑप्शन 2 का।

LIC Nivesh Plus 849 में चार्जेस –

आपकी जो फंड वैल्यू है एलआईसी उसमें से कुछ चार्ज लेती है।

Allocation Charges – अगर आप इस पॉलिसी को ऑफलाइन किसी एजेंट से लेते हैं तो एलआईसी आपके सिंगल प्रीमियम में से 3.30% एलोकेशन चार्ज डिडक्ट कर लेती है। और यदि आप निवेश प्लस 849 को ऑनलाइन देते हो तो आपको केवल 1.50% चार्ज ही देना होगा। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि यह चार्ज आपको अलग से नहीं देना होगा बल्कि एलआईसी आपके फंड वैल्यू में से ही यह चार्ज काट लेती है। यहां पर सबसे अच्छी बात यह है कि एलआईसी आपको सब कुछ खुलकर बता देती है और अगर बात करें प्राइवेट कंपनी की तो वह आपको इन सभी चार्जेस के बारे में नहीं बताती।

अगर आप ऑनलाइन इस पॉलिसी को लेना चाहते हैं तो आप एलआईसी की वेबसाइट पर देख सकते हैं –

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Mortality Charges – उसके बाद एलआईसी आपके फंड में से मोर्टालिटी चार्जेस को डिडक्ट करती है। यह चार्ज आपको जो भी लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाता है उसके लिए होता है।

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Fund Management Charges – उसके बाद एलआईसी यहां पर फंड मैनेजमेंट चार्ज लेती है क्योंकि शेयर मार्केट में पैसा लगाने के लिए हर कंपनी को मैनेजर हायर करने होते हैं और उन्हीं मैनेजर की मदद से हमें अपनी इन्वेस्टमेंट पर एक अच्छा खासा रिटर्न मिलता है।

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