DHFL ने किया देश का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड

नीरव मोदी पर 13000 करोड रुपए के घोटाले का आरोप है। विजय माल्या पर 17 बैंक को को 9000 करोड़ रुपए का चूना लगाने का आरोप है।

DHFL Banking Fraud क्या है ?

डीएचएफएल पर 33615 करोड रुपए की बैंकिंग धोखाधड़ी का आरोप है। यह कर्ज 17 बैंकों के कंसोर्सियम से लिया गया। इस कंसोर्सियम की सुनवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कर रहा था।

किसने की DHFL की शिकायत ?

सीबीआई को इस मामले की शिकायत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने की है इस मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ऑडिट फर्म KPMG की जांच रिपोर्ट को भी रखा गया है। KPMG ने अपनी ऑडिट में पाया कि डीएचएफएल ने अपने खातों में हेराफेरी की है, जानकारियों को छुपाया है, बैंक को गलत जानकारी दी है, अघोषित खातों को छुपाया है और बैंकिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।

घोटाले को अंजाम कैसा मिला ?

डीएचएफएल और उनके प्रमोटर कपिल वाधवान और धीरज वाधवान पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर इस बैंकिंग घोटाले की साजिश की है। कपिल वाधवान और धीरज वाधवान बैंकों के कंसोर्सियम को 34600 करोड़ का कर्ज देने के लिए प्रेरित किया। इस कर्ज के बड़े हिस्से का डीएचएफएल ने खाते और बैलेंस शीट मैं गड़बड़ी करके दुरुपयोग भी किया।

DHFL के मालिक कौन है  ?

डीएचएफएल और उनके प्रमोटर कपिल वाधवान और धीरज वाधवान पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर इस बैंकिंग घोटाले की साजिश की है। कपिल वाधवान और धीरज वाधवान बैंकों के कंसोर्सियम को 34600 करोड़ का कर्ज देने के लिए प्रेरित किया। इस कर्ज के बड़े हिस्से का डीएचएफएल ने खाते और बैलेंस शीट मैं गड़बड़ी करके दुरुपयोग भी किया।