अग्निपथ योजना

अग्निपथ योजना 14 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लाई गई है । उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को बहुत सारे युवा नौजवानों की जरूरत है और जो भी व्यक्ति इस योजना के द्वारा सेना में भर्ती होगा उसे अग्निवीर कहा जाएगा।

अग्निपथ योजना

इस नई योजना के तहत साडे 17 साल से लेकर 23 साल तक के युवाओं को सिर्फ 4 साल तक के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा, और इन्हें अग्निवीर का नाम दिया जाएगा, हर साल सेना के तीनों अंगों में लगभग 50,000 अग्नि वीरों की भर्ती होगी। इस नए कदम से भारतीय सेना की औसत आयु 32 वर्ष से घटकर अब 26 वर्ष हो जाएगी यानी अब भारतीय सेना और भी जवान हो जाएगी।

अग्नीपथ योजना की मुख्य विशेषताएं

यह योजना तीनों सेनाओं की भर्तियों पर लागू होगी यानी जल, थल और वायु सेना। इसमें ऑफिसर रैंक से नीचे के जो पद होते हैं उन पर भर्तियां की जाएंगी। सेना में जो नॉन कमीशंड रैंक होती है यह भर्तियां उन पदों के लिए होंगी, यानी ऑफिसर से नीचे के पदों के लिए।

Agnipath Yojna में कौन भाग ले सकता है ?

साडे 17 साल से लेकर 23 साल तक के युवा इन भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे और इस प्रक्रिया के दौरान जिन युवाओं का चयन होगा वह सिर्फ 4 साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देंगे। हालांकि यह उम्र पहले 21 साल तय की गई थी लेकिन देश में जगह जगह विद्रोह होने के बाद इसको 23 साल कर दिया गया।

इसका मतलब अब जो सेना में नौकरी होगी वह सिर्फ 4 वर्षों की होगी और इन 4 वर्षों में शुरुआत के 6 महीने ट्रेनिंग दी जाएगी, बाकी के 3.5 साल अग्निवीर अलग-अलग पदों पर अलग-अलग जगहों पर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और जब 4 वर्ष पूरे हो जाएंगे तो इन अग्नि वीरों को रिटायर कर दिया जाएगा ।

हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि वह सभी सैनिकों को रिटायर नहीं करेगी। हर बैच में 25 परसेंट सैनिकों को 4 साल के बाद भी देश के लिए काम करने का मौका दिया जाएगा। यानी 25 परसेंट जो सैनिक है उन्हें रिटेन कर लिया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर सरकार 20000 सैनिकों को भर्ती करती है तो 4 साल बाद 25 परसेंट सैनिक यानी कि 5000 सैनिक आगे देश की सेवा करेंगे। जबकि 15000 सैनिक 4 साल के बाद रिटायर हो जाएंगे।

अग्नि वीरों की तनखा कितनी होगी ?

पहले साल अग्नि वीरों की तनखा लगभग 30,000 के आसपास होगी। जिसमें ₹21000 नगद मिलेंगे और 30 परसेंट यानी कि ₹9000 इनके रिटायरमेंट पैकेज में जमा हो जाएगा। दूसरे वर्ष में हर महीने ₹33000 मिलेंगे। तीसरे वर्ष में ₹36500 और चौथे वर्ष में हर महीने ₹40000 का वेतन मिलेगा जिसमें से ₹12000 हर महीने रिटायरमेंट फंड में चले जाएंगे। जो नकदी वेतन होगा वह पहले साल में ₹21000 और चौथे साल में ₹28000 के आसपास होगा ।

अग्नि वीरों को रिटायरमेंट पर कितना पैसा मिलेगा ?

4 साल के बाद सरकार इन अग्नि वीरों को एक विशेष आर्थिक पैकेज देगी, जिसे सरकार ने सेवा निधि पैकेज का नाम दिया है । इस सेवा निधि पैकेज के तहत हर सैनिक को रिटायरमेंट के समय 11,71,000 रुपए दिए जाएंगे इनमें आधा पैसा अग्नि वीरों की सैलरी से ही जमा होगा और आधा पैसा सरकार की तरफ से दिया जाएगा, इसके अलावा इस पर उन्हें ब्याज भी दिया जाएगा। हालांकि इन वीरों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन की कोई सुविधा नहीं मिलेगी। इस योजना के तहत सेना के तीनों अंगों में हर साल 2 बार भर्ती होंगी और इस साल सरकार ने 46000 अग्नि वीरों की भर्ती का लक्ष्य रखा है। और अगले वर्ष से लगभग 50000 भर्तियां हर वर्ष होंगी।

अग्नीपथ स्कीम में भर्ती कैसे होगी ?

यह भर्तियां ऑल इंडिया मेरिट बेसिस पर होंगी क्योंकि अब तक सेना में अंग्रेजों के जमाने का एक रेजिमेंट सिस्टम चला रहा था जिसके तहत जाति और क्षेत्र के आधार पर सैनिकों की भर्ती हुआ करती थी जैसे मराठा रेजिमेंट, जाट रेजिमेंट, सिंह रेजिमेंट, गोरखा और राजपूत भारतीय सेना में है। अब तक इन रेजीमेंट की भर्ती के लिए जाति और क्षेत्र को महत्व दिया जाता था लेकिन अब यह बंद हो जाएगा। अब भारत का कोई भी नागरिक किसी भी रेजिमेंट में भर्ती हो सकेगा और सरकार ने कहा है कि अगले 10 वर्षों में सेना से अंग्रेजों के जमाने का रेजिमेंट सिस्टम समाप्त हो जाएगा और यह सेना में अब तक के सबसे बड़ा बदलाव होगा।